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मृतात्माओं से मेरा संपर्क(#पितृ_दोष मुक्ति शिविर)

Pitra Dosh Mukti By Contacting Departed Souls

ऐसे अनेक कारण हैं जिन वजहों से हमारे जीवन में अनेक कष्टों का आना होता है जिसमे से एक अत्यंत कष्टपूर्ण दुखदायी दोषपूर्ण स्थिति पितृ दोष है। #पितृ_दोष के जातक को कष्ट उठाने पड़ सकते हैं जैसे विवाह ना हो पाना, विवाहित जीवन में कलह , परीक्षा में असफलता , नशे की लत लगना, नौकरी का ना लगना या छूट जाना,संतान की समस्या, बच्चे की #अकाल_मृत्यु या #मंदबुद्धि होना, निर्णय ना ले पाना, अत्याधिक क्रोधी होना इत्यादि इत्यादि।
पितृ दोष होने के संकेत कुंडली मे अनेक योगों द्वारा किसी अच्छे ज्योतिषी द्वारा ज्ञात कराये जा सकते हैं।किंतु उसकी गहराई में किसी पारलौकिक रहस्यविद या #मृतात्मा #सम्पर्ककर्ता द्वारा अपने पितरों से संपर्क साध उनके संदेश प्राप्त कर उनकी अंतिम इच्छा या कामना को संतुष्ट कर उनके आशीर्वाद को प्राप्त किया जा सकता है।यह मेरे स्वयं के कई व्यक्तियों के साथ घटे अनुभवों के आधार पे प्राप्त प्रमाण, सत्यापन है। ऐसे ही एक घटना का अनावरण आज करने का आया है तो आपके समक्ष रख रहा हूँ।
एक मित्र के वर्षों पहले भारत छोड़ विदेश बस गए थे ,बहुत प्रिय मित्र थे किंतु काफी वर्षो से संपर्क में नही थे। एक दिवस प्रातः 4 बजे मैं अपने नित्य कर्म को कर रहा था तभी एक अजीब से कंप्यूटराइसड नम्बर से मिस कॉल आया ।
पुनः एक न्यूज़ीलैंड के न. से कॉल आया तो सोचा कही बाहर से किसी पीड़ित का होगा, उठाते ही एक रोती हुई कातर हृदय विदारक ध्वनि ने मेरी आँखों में आंसू ला दिए ,उस ध्वनि के उठने का शब्द था “भाई”, कितना प्रेम भरा शब्द है न भाई ? इसी लिए मैंने यह शब्द अपने नाम से जोड़ा कि कोई गुरु माने भी पर “भाई जी” की निकटता से बहे मेरे संग।
खैर वह “भाई” की गला रूंधने वाली ध्वनि ने सब सामने प्रकट कर दिया कि कौन और क्या ।
मैंने अपने भावों को संभालते हुए उस से कहा, कहाँ थे इतने वर्ष आज इस समय कैसे याद किया? उसने अपनी सारी कहानी रोते रोते बताई।
वह था न्यूज़ीलैंड मे बहुत ही सभ्रांत अरबों खरबों का व्यापार दुनिया भर में चलाने वाला आज उसका सब रास्ते पे आ चुका था । पांच कंपनियां चलाने वाला व्यक्ति सभी कंपनियों से हाथ धो बैठा, पत्नी बच्चे सब छोड़ गए सारे मकान बिक गए एक किराए के कमरे में मुह छुपा के बचे कुचे चंद रुपयों से जीवन भयानक ऋणात्मकता के बीच समाप्त करनी की सोच चुका था ।तभी एक दिन भारत से उसके किसी जानने वाले ने उस से बात कर मेरे बारे में बताया ।
एक बात का तो बड़ा आनंद है कि जीवन भर लोग इस रहस्यमय मार्ग की बुराई करते और ढोंग है पाखण्ड है और सिर्फ विज्ञान है यह सब कहते कहते नही थकते वो अपने असली औकात में आते ही नाक रिगड़ते दिखते हैं और तब सब मानते है भगवान भी होगा ज्योतिष भी तंत्र भी आत्माएं भी तब सब होता है 😊🌺।
वह मित्र सभी रास्तों से हतास हो जब मुझसे हल जानने की जिज्ञासा लिये गिड़गिड़ाए तो जैसे अचानक से उस महाक्रोधी की अग्नि ने मेरे मुख से सारा का सारा लावा बाहर फेंक दिया, उस लावे में लिपटे शब्दो की अग्नि से उस की आत्मा दहल गई और दहाड़ा और दहाड़ के अट्टहास भरे शब्दो मे कहा “क्यों आ गया औकात पे, कैसे हैं तेरे माँ बाप दादा दादी पूछा 20 वर्षो से तूने उनका हाल।” और जैसे इस ज्वलंत आंधी के पश्चात की शांति की आंधी ने सब रहस्यों का उद्घाटन कर दिया हो। मित्र फूट फूट के रोने लगा ,जैसे वर्षों से अहंकारिता की सर्वोच्च गद्दी पे बैठा कोई लुढक लुढक के गिर रहा हो आंखों से।इधर मैं महाक्रोधी अन्नत करुणामयी भगवान श्री काल भैरव को एक टक ताकता रह गया कि हे भगवान तूने एक ही दहाड़ में उसके सारे बोझ को गिरा दिया भगवान 😢 इतनी करुणा🙏😢 🙏🙏🙏🙏।
इसके पश्चात सब शांत होने के बाद मैंने जब उसके हालातों पर दृष्टिपात किया तो पाया इस मित्र ने अपने माता पिता और दादा दादी की जीवित रहते खूब बेकदरी करी और इन बेकदरियो से हुई मृत्यु को प्राप्त उनकी गति बहुत ही दयनीय थी। जब उनके पितरों से आगे के लिए आशीर्वाद व माफी की मांग की गई तो पूरे के पूरे पित्र समूह सभी क्रुद्ध देवी देवताओं के सामूहिक ऊर्जा रूप में सब कुछ नष्ट करने को आतुर थे।और यह उन्ही के कोप के कारण ही इस घर की पूरी इमारत ध्वस्त हो गई।
किसी एके दिन अपने मित्र को यह सब बताया और अब उसके आंसू भी सूख चुके थे इस अपराध बोध से वह कराह रहा था। तभी भगवान श्री काल भैरव ने कानों में आके कहा कि इसका पिता देखो कैसे करुणा से पिघल रहा है वह उम्मीद की किरण है इसकी आखिरी। मैने त्वरित गति से उसके पिता से संवाद करना शुरू करा और बहुत मान मनौउत्ल के पश्चात वह पिघले और क्यों न मानते उनका ही घर था जो बर्बाद हो गया। कुछ उन्होंने गुप्त, पितृ के शांति हेतु कर्म बताये जो मैंने उस मित्र से कराए। सब सामान्य से रहा कुछ दिनों वही गरीबी फटे हाल जीवन। किन्तु एक दिन उसकी पत्नी उसे मिली उसने उसकी हालत देख उसे साथ ले लिया। उसी समय उसने कहा मुझे माता पिता दादा दादी की फ़ोटो चाहिए वह व्यवस्था हुई और उसने सबके फ़ोटो पे #पुष्प इत्यादि अर्पित कर उनके प्रिय #मिष्ठान बनवाये और दान करवाये स्वतः ही मैने नही कहा। अचानक अगले दिन रास्ते में किसी गाड़ी से वह टकराया और जिस से टकराया वह कभी उसका पुराना व्यापार का मित्र था उसने उसे नौकरी पे रखा।धीरे धीरे सब सामान्य होने लगा अब वह इस समय अरब पति तो नही परन्तु वह भीतर से और बाहर से पूर्ण अमीर हो चुका जीवन व्यतीत कर रहा है।
यह है पितरों की माया, प्रियों ।
जीवित और जीवनोपरांत ऐसा कुछ भी नही जो छुपा हो सब यहीं है और सबका हिसाब होता है।
भय से नही परंतु अपने हृदय की प्रेमपूर्ण गहराइयों से अपने पितरों का तर्पण श्राद्ध कर्म करें कराएं।
वो सब आपके अपने हैं ।

सदगुरुदेव 22 जून से 24 जून उज्जैन में सिर्फ उनके लिए जिनके जीवन में कष्ट है और कई उपायों के पश्चात भी #पितृ_दोष मुक्त नही हो पा रहे हैं , उपलब्ध होंगे जहां #गुरुदेव स्वयं उन जातकों के पित्रो का आह्वाहन कर उनके अंतिम कामना, अंतिम अटकाव का कारण पूछ कर वह जातक से कर्म करवा के और कुछ विशिष्ट विधियों के माध्यम से #पितृ_दोष #मुक्ति करवाएंगे।
यहां यह बताना आवश्यक है कि सदगुरुदेव श्री तारामणि भाई जी पूर्व में कई पीड़ितों को पितृ दोष मुक्त करा चुके हैं और सभी संतुष्ट जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

जय श्री काल भैरव
🙏🌺😊🔱

ज्योतिर्विद व ध्यान मार्गदर्शक सदगुरुदेव श्री तारामणि भाई जी
(ज्योतिषीय परामर्शक,ध्यान मार्गदर्शक,पारलौकिक रहस्यविद,मृतात्मा सम्पर्ककर्ता)
[इष्ट सिध्दि साधना,त्राटक साधना,यक्षिणी साधनाओ में सफलता हेतु संपर्क करे]
चामुंडा ज्योतिष केंद्र
9919935555
www.chamundajyotish.com

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